विशेष साहित्य

मातृत्व दिवस विशेष/ मेरी माँ के बराबर इस दुनिया में कोई नहीं

मेरी माँ के बराबर,इस दुनिया में कोई नहीं है। माँ ही पूजा एवं इबादत,बढ़ कर कोई नहीं है। मेरी माँ के ममता जैसे,ममतामई कोई नहीं है। हर माँ तो माँ.

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विशेष साहित्य

कविता (विशेष)/ समाज सुधारक बाबा साहब भारतरत्न डॉ. भीम राव अंबेडकर

भारत भूमि पवित्र धरा पर,14 अप्रैल 1891 में जन्में। महू गाँव इंदौर जिला म.प्र.में डॉ. अम्बेडकर हैं जन्मे। बचपन में इनका नाम रहा जो केवल भीम सकपाल। माँ-बाप रामजी मौला-भीमा.

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साहित्य

कविता/ नारी तू नारायणी, सम्पूर्ण सृष्टि की प्राणाधार

नारी तुम हो बड़ी महान,सम्पूर्ण जगत की श्रद्धा हो। हर काल खंड में पूजनीय, जन मानस की श्रद्धा हो। तू जननी है तू पालक है,तू सम्पूर्ण सृष्टि की आधार। मनु.

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साहित्य

कविता/ कान्हा से प्रेम

कान्हा से मीरा को प्रेम हो गया, हो गई मगन सब जान ही गया। कान्हा की मूड़त हृदय में बसी। पूजा उन्ही की ओ करने लगी । उठाई वीणा भजन.

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धर्म / आस्था विशेष साहित्य

साहित्य/ प्रेम-भाईचारे का पर्व है होली त्योहार

प्यार के रंगों से सराबोर,होली हो अपनी होली। मिल कर गले लगाएं,प्रेम रुपी चन्दन की रोली। ऋतुराज वसंत के,आगमन से हुए शुरू त्योहार। बसंतपंचमी बाद ये आये,महाशिवरात्रि त्योहार। देवी देव.

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साहित्य

कविता/ संविधान पर दो शब्द

सुनो देश के प्रिय बन्धु दिल खोलकर गर्व से बोलो भारत देश के हम हैं वंदे नहीं कोई कष्ट है बोलो जबतक तिरंगा हाथ में है हृदय से बोलो भारतीय.

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साहित्य

कविता/ सीखना जरूरी है

किए हुए अच्छे कर्म का फल तो अच्छा ही मिलेगा अभी का बीता हुआ कल कभी लौट कै नहीं आयगा समय बहुत मूल्यवान है उसे जाने नहीं देना है पढ़ना.

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विशेष साहित्य

स्थापना दिवस विशेष कविता/ झारखंड

आज है स्थापना दिवस, अपने झारखण्ड का । खुशी खुशी मना रहे, स्थापना दिवस झारखण्ड का । 15 नवम्बर दिन है स्थापना दिवस झारखण्ड का । हरी भरी राज्य हमारी,.

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साहित्य

कविता/ छुट्टियाँ

छुट्टियाँ हुई खतम् घर वीरान हो गये । गाँव के बच्चें शहर की शान हो गये ।। देखते-देखते बीती दिवाली घर हो गये खाली – खाली भूख मर गयी जैसे.

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धर्म / आस्था विशेष साहित्य

छठ महापर्व विशेष/ सूर्य षष्ठी- देवसेना की व्रत पूजा है छठ पूजा

सूर्यदेव को अर्ध्य देके,होती सूर्यदेव की है पूजा। सदियों से ये चली आरही है,प्रातः बेला में पूजा। सूर्यदेव से स्वस्थ जीवन की,करें सभी कामना। इसलिए सूर्योदय पर,सूर्यदेव की करें उपासना।.

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